यूपी राजनीति में चर्चा का विषय: अखिलेश यादव की नई रणनीति और मोहन भागवत का बयान

यूपी राजनीति में चर्चा का विषय: अखिलेश यादव की नई रणनीति और मोहन भागवत का बयान

Topic of discussion in UP politics

Topic of discussion in UP politics

उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए अखिलेश यादव की नई रणनीति और UGC बिल से जुड़े विवाद के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत का बयान चर्चा का विषय बना हुआ है. यूपी Tak के खास शो आज का यूपी में आज इन्हीं दोनों खबरों का विश्लेषण समझेंगे. पहले बात करते हैं अखिलेश यादव की. 

 

अखिलेश यादव अब उन कार्यकर्ताओं और नेताओं का डेटाबेस तैयार कर रहे हैं जो सिर्फ 'चेहरा चमकाने' या नेताओं के इर्द-गिर्द घूमने (गणेश परिक्रमा) में लगे रहते हैं. पार्टी दफ्तर आने वाले हर व्यक्ति की फोटो, फोन नंबर और हाजिरी का रिकॉर्ड रखा जा रहा है. इसका उद्देश्य 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए टिकट वितरण में पारदर्शिता लाना है.

अखिलेश यादव का संदेश साफ है. जो नेता केवल दफ्तर में दिखते हैं, उन्हें तरजीह नहीं मिलेगी. रिपोर्ट केवल ग्राउंड वर्क (चुनावी क्षेत्र में किए गए काम) के आधार पर तैयार की जाएगी.

मोहन भागवत क्या बोले? 

इस बीच लखनऊ दौरे पर आए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बयान भी सुर्खियों में है. UGC के नए नियमों पर उपजे विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने संतुलित बयान देते हुए कहा कि कानून तो मानना पड़ेगा, लेकिन अगर कानून गलत है तो उसे बदला जाएगा. यह बयान उन सवर्ण और अपर कास्ट समर्थकों को शांत करने की कोशिश माना जा रहा है जो सोशल मीडिया पर संघ और बीजेपी की आलोचना कर रहे थे.